Rotala Recipe in Hindi । रोटला बनाने की विधि हिंदी में

 देसी स्वाद से भरपूर रोटला: 

गाँव की रसोई से आपकी थाली तक

 


नमस्कार दोस्तों 🙏 

भारत की मिट्टी में जितना स्वाद है, उतना शायद ही कहीं और मिले। गाँव की रसोई की महक, चूल्हे पर सिकी रोटियों का स्वाद और खेतों से आई ताज़गी—इन्हीं सबका संगम है रोटला। खासतौर पर गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में रोटला का स्वाद हर घर में बसता है। आज हम इसी पारंपरिक रोटले को बनाने की आसान विधि सीखेंगे।

कल्पना कीजिए—रात का समय है, आँगन में ठंडी हवा चल रही है, चूल्हे पर मिट्टी के तवे में रोटला सिक रहा है और साथ में गुड़-घी या लहसुन की चटनी रखी है… क्या ही आनंद आएगा!

तो आइए, शुरू करते हैं 5 लोगों के लिए रोटला बनाने की पूरी विधि


🍲 रोटला बनाने की सामग्री 

(Ingredients for Rotla for 5 People)


  • बाजरे का आटा – 3 कप (लगभग 500 ग्राम)
  • गुनगुना पानी – 1.5 कप (आटे को गूंथने के लिए)
  • नमक – 1/2 चम्मच (वैकल्पिक)
  • घी – 3-4 बड़े चम्मच (लगाने के लिए)
  • मक्खन/गुड़ – परोसने के लिए

⏱ समय:

  • तैयारी का समय – 10 मिनट
  • पकाने का समय – 20-25 मिनट
  • कुल समय – 30-35 मिनट

👩‍🍳 रोटला बनाने की विधि 

1. आटा गूंथना

सबसे पहले हम एक बड़े परात में बाजरे का आटा डालेंगे। अब हम इसमें नमक डालेंगे और धीरे-धीरे गुनगुना पानी डालकर आटे को गूंथेंगे।
👉 बाजरे का आटा गेहूँ के आटे जितना बंधा हुआ नहीं होता, इसलिए इसे हाथ से दबाकर जोड़ना पड़ता है।

"अब हम इस आटे को 5 मिनट तक दबा दबा कर चिकना करेंगे ताकि रोटला बनाते समय फटे नहीं।"


2. लोई बनाना

अब हम गूंथे हुए आटे से मुट्ठी जितनी बड़ी लोइयाँ बनाएंगे। हर लोई लगभग 100 ग्राम की होनी चाहिए ताकि हर व्यक्ति के लिए 2 रोटले आसानी से बन सकें।



3. बेलना या हाथ से थपथपाना

बाजरे का आटा बेलन से बेलने में थोड़ा कठिन होता है, इसलिए
👉 पहले हम लोई को हथेली से दबाएंगे, फिर धीरे-धीरे थपथपाकर मोटा रोटला बनाएंगे।
👉 मोटाई लगभग ½ सेंटीमीटर होनी चाहिए।


4. तवे पर सेंकना

अब हम गरम तवे पर रोटला रखेंगे।
👉 पहले हम इसे धीमी आँच पर 1 मिनट पकाएँगे।
👉 फिर हम इसे पलटकर दूसरी तरफ से 1 मिनट पकाएँगे।
👉 अब हम इसको कपड़े या हथेली से दबाकर 1-1 मिनट दोनों तरफ से सेंकेंगे।



5. घी लगाना

जब रोटला सिककर तैयार हो जाएगा, तब हम उस पर 1 चम्मच घी लगाएंगे।
👉 इससे स्वाद और सुगंध दोनों दोगुना हो जाते हैं।


6. परोसना

गर्मागर्म रोटले को गुड़, लहसुन की चटनी, कढ़ी या दाल के साथ परोसें। गाँवों में लोग इसे अक्सर छाछ के साथ खाते हैं।




✨ रोटले की विशेषताएँ

  • रोटला गेहूँ की रोटी से मोटा और देसी स्वाद वाला होता है।
  • इसे खाने से तुरंत तृप्ति मिलती है।
  • ठंड के मौसम में यह शरीर को गर्म रखता है।

😋 स्वाद कैसा होगा?

रोटले का स्वाद हल्का सा देसी और सोंधा-सोंधा  होता है। जब इसके साथ घी और गुड़ खाया जाता है तो यह मीठा-नमकीन दोनों का अद्भुत मेल बनाता है।


⚠️ सावधानियाँ

  1. आटे में ज्यादा पानी न डालें, वरना रोटला टूटेगा।
  2. रोटला हमेशा धीमी-मध्यम आँच पर सेकें, वरना बाहर से जल जाएगा और अंदर कच्चा रह जाएगा।
  3. तवा बहुत गरम हो तो रोटला चिपक सकता है।

📜 रोटले का इतिहास

रोटला मुख्य रूप से गुजरात और राजस्थान की परंपरा से जुड़ा है। किसानों और चरवाहों का यह प्रमुख भोजन था क्योंकि यह पेट भरने वाला और ताकत देने वाला होता था। पुराने समय में इसे मिट्टी के तवे पर बनाया जाता था और छाछ या गुड़ के साथ खाया जाता था।



💪 रोटला खाने के स्वास्थ्य लाभ

  • बाजरे में फाइबर बहुत होता है, जो पाचन शक्ति मजबूत करता है।
  • यह ग्लूटेन-फ्री है, और गेहूँ से एलर्जी वाले लोग भी इसे खा सकते हैं।
  • इसमें लौह तत्व और मैग्नीशियम होते हैं, जो खून की कमी और हड्डियों के लिए फायदेमंद होते हैं।
  • सर्दियों में यह शरीर को गर्म रखता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।

👉 तो दोस्तों, इस तरह 5 लोगों के लिए रोटला बड़ी ही आसानी से तैयार हो जाता है। जब भी देसी स्वाद की तलब लगे, तो गेहूँ की रोटी छोड़कर एक बार गरमागरम बाजरे का रोटला जरूर बनाइए। और दोस्तों कमेंट कर के जरूर बताएं आपको ये रेसीपी कैसी लगी, आप ने इसमें और क्या आजमाया साथ ही ये भी बताएं कि मैं आप के लिए अगली रेसिपी कौन सी लेकर आऊं। धन्यवाद 




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