Bihar ki Sattu Lassi । सत्तू लस्सी रेसिपी
🌿 सत्तू लस्सी की गज़ब की ठंडी ठंडी रेसिपी
– देसी स्वाद और सेहत का मेल!
🙏 नमस्कार दोस्तों 💛
ज़रा सोचिए – तपती दोपहरी में पसीने से तरबतर शरीर, धूप से जलता चेहरा और तभी सामने रखी हो एक मिट्टी के कुल्हड़ में ठंडी, नमकीन, पौष्टिक सत्तू लस्सी। क्या मज़ा आ जाएगा न?
आज मैं आपको सिखाने जा रहा हूँ एक ऐसी सत्तू लस्सी बनाना, जिसे पीकर शरीर तो ताज़ा हो ही जाएगा, लेकिन मन भी ठंडा-ठंडा हो उठेगा, और सेहत बनेगी सो अलग।
📝 सत्तू लस्सी के लिए आवश्यक सामग्री
(5 लोगों के लिए)
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| सत्तू (चने का) | 5 बड़े चम्मच |
| ताज़ा दही | 2 कप |
| ठंडा पानी | 3 कप |
| काला नमक | स्वादानुसार |
| भुना ज़ीरा पाउडर | 1 छोटा चम्मच |
| हरी मिर्च (बारीक) | 1 (वैकल्पिक) |
| हरा धनिया (कटा) | 2 बड़े चम्मच |
| नींबू का रस | 1 छोटा चम्मच |
| पुदीना पत्ते | 5-6 पत्ते (सजावट के लिए) |
| बर्फ के टुकड़े | इच्छानुसार |
🕒 तैयारी में समय: 10 मिनट
🔥 पकाने का समय: नहीं
🍹 कुल समय: 10 मिनट
🍶 अब बनाना शुरू करते हैं सत्तू लस्सी – एकदम देसी अंदाज़ में
🔹 चरण 1: सत्तू और पानी का घोल तैयार करना
अब हम एक बड़े बर्तन में डालेंगे 5 बड़े चम्मच चने का सत्तू।
फिर हम इसमें थोड़ा-थोड़ा करके 3 कप ठंडा पानी डालेंगे, और चम्मच से चलाते हुए गाढ़ा घोल बना लेंगे। ध्यान रहे, गुठलियाँ न बनें।
सावधानी: पानी धीरे-धीरे डालें, ताकि सत्तू अच्छी तरह घुल जाए।
🔹 चरण 2: दही का मिश्रण बनाना
अब हम एक कटोरी में 2 कप ताजा दही लेकर उसे अच्छे से फेंटेंगे, ताकि वह एकदम क्रीमी और चिकनी बन जाए।
सुझाव: दही खट्टा न हो, वरना लस्सी का स्वाद बिगड़ सकता है।
🔹 चरण 3: सत्तू और दही का मेल
अब हम सत्तू के घोल में फेंटा हुआ दही डालेंगे, और धीरे-धीरे मिलाएंगे।
मिश्रण को तब तक मिलाएँ जब तक झाग न बनने लगे।
🔹 चरण 4: मसाले और स्वाद का तड़का
अब वक्त है स्वाद का…
अब हम इसमें डालेंगे
- स्वाद अनुसार काला नमक,
- 1 छोटा चम्मच भुना हुआ ज़ीरा पाउडर,
- बारीक कटी हरी मिर्च (अगर आप तीखा पसंद करते हैं)।
- 1 छोटा चम्मच नींबू का रस।
फिर हम इसे अच्छे से मिला लेंगे, ताकि हर घूंट में मसालों का स्वाद घुल जाए।
🔹 चरण 5: ठंडक और ताजगी की तैयारी
अब हम इस लस्सी को फ्रिज में 5 मिनट के लिए रख देंगे, ताकि यह एकदम ठंडी हो जाए।
या फिर आप इसमें सीधे बर्फ के टुकड़े भी मिला सकते हैं।
🔹 चरण 6: सर्व करने का अंदाज़
अब समय है इसे मिट्टी के कुल्हड़ या स्टील के गिलास में परोसने का।
ऊपर से हम डालेंगे बारीक कटा हरा धनिया और 2-3 पुदीने के पत्ते।
📜 सत्तू लस्सी की खासियत क्या है?
✅ पेट को ठंडक देती है।
✅ गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाती है।
✅ पचाने में आसान है।
✅ भरपूर प्रोटीन और फाइबर से भरपूर, अगर आप जिम जाते है तो ये मसलस बढ़ने में भी मदद करता है।
✅ डायबिटिक मरीजों के लिए भी उपयोगी है।
📚 सत्तू और लस्सी का इतिहास – देसी ठंडक की विरासत
भारत के पूर्वी राज्यों—बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सत्तू सदियों से “गरीबों का प्रोटीन” कहलाता रहा है। वहीं, लस्सी की जड़ें पंजाब से हैं, जो वहां की हर दुपहरी का हिस्सा होती थी।
इन दोनों का मेल एक देसी सुपरड्रिंक बना देता है – जिसे आजकल health drink के तौर पर भी पहचाना जाने लगा है।
❤️ स्वास्थ्य लाभ (Health Benefits of Sattu Lassi)
🌿 शरीर को ठंडक देती है
💪 मांसपेशियों को मजबूती देती है
🩺 ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करती है
🍽 भूख बढ़ाती है
⚡ ऊर्जा देती है, खासकर गर्मियों में
🔚 अब बस एक घूंट लीजिए... और कहिए वाह!
तो मित्रों, अगली बार जब गर्मी का सूरज सिर पर चढ़ा हो, तो एयर कंडीशनर नहीं, सत्तू लस्सी को आज़माइए।
यह न केवल आपकी प्यास बुझाएगी, बल्कि देसी स्वाद और स्वास्थ्य का मज़ा भी देगी। 😋
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