Moringa Laddu Recipe in hindi । मोरिंगा के लड्डू बनाने की विधि

 

मोरिंगा लड्डू रेसिपी

 – सेहत और स्वाद का जबरदस्त संगम




🙏 नमस्कार दोस्तों 

आज चलते हैं एक स्वादिष्ट और पोषक सफ़र पर

दोस्तों, आज मैं आपको एक ऐसी रेसिपी सिखाने जा रहा हूँ जो न सिर्फ़ स्वाद में कमाल है, बल्कि सेहत में भी बेमिसाल – मोरिंगा लड्डू (सहजन के लड्डू)
मोरिंगा यानी सहजन की पत्तियों का पाउडर, जिसे आजकल “सुपरफूड” कहा जाता है।
गाँव में मेरी दादी हमेशा कहा करती थीं –
"सहजन खाओ, हड्डियाँ मजबूत बनाओ"
और जब इसका लड्डू बनता है, तो बस मानो सेहत की मिठास से घर महक उठता है।


सामग्री (5 लोगों के लिए)

सामग्री का नाम मात्रा
मोरिंगा पाउडर 4 बड़े चम्मच
बेसन 1 कप (150 ग्राम)
देसी घी ½ कप (100 ग्राम)
गुड़ (कसा हुआ) 1 कप (150 ग्राम)
बादाम (कटे हुए)      10-12 नग
काजू (कटे हुए) 8-10 नग
इलायची पाउडर ½ छोटा चम्मच
पानी ¼ कप


तैयारी का समय – 10 मिनट
पकाने का समय – 20 मिनट
कुल समय – 30 मिनट


सहजन के लड्डू बनाने की आसान विधि 

स्टेप 1 – बेसन भूनना

सबसे पहले, गैस पर एक कड़ाही रखिए और उसमें देसी घी डालिए।
अब हम इसमें बेसन डालेंगे और धीमी आँच पर इसे 10 मिनट तक भूनेंगे
भूनते समय एक हल्की-सी मीठी खुशबू आएगी और बेसन का रंग सुनहरा हो जाएगा – यही इस रेसिपी का पहला राज़ है।


स्टेप 2 – मोरिंगा का जादू

जब बेसन भुन जाए, तब हम इसमें मोरिंगा पाउडर डालेंगे और 1-2 मिनट धीमी आँच पर चलाएंगे।
ध्यान रहे, मोरिंगा को ज्यादा देर तक नहीं भूनना है वरना इसका हरा रंग फीका पड़ जाएगा।




स्टेप 3 – गुड़ की चाशनी

एक अलग पैन में पानी और गुड़ डालेंगे और मध्यम आँच पर 3-4 मिनट तक पकाएँगे।
हमें एक तार की चाशनी बनानी है – यानी जब उंगली के बीच थोड़ा सा गुड़ चिपके तो समझिए सही है।


स्टेप 4 – सबको मिलाना

अब गुड़ की चाशनी को भुने हुए बेसन-मोरिंगा मिश्रण में डालेंगे।
इसके साथ ही काजू, बादाम और इलायची पाउडर डालेंगे और अच्छे से मिलाएँगे।
इस वक्त खुशबू इतनी लाजवाब होगी कि मन करेगा अभी चख लें – लेकिन ठंडा होने दें।


स्टेप 5 – लड्डू बनाना

जब मिश्रण हल्का गरम हो, तब हथेली पर थोड़ा घी लगाकर छोटे-छोटे लड्डू बना लेंगे
10-15 मिनट में सारे लड्डू तैयार हो जाएँगे – नरम, हरे और हेल्दी।

*देखने में ये हरे लड्डू ऐसे ही मन को भाते है, पर अगर आप चाहें तो इन्हें नारियल के बुरादे या चीनी के पाउडर से सजा भी सकते हैं, जिससे इनकी खूबसूरती और स्वाद और बढ़ जाता है।




विशेषताएँ

  • रंग – हल्का हरा सुनहरा
  • स्वाद – गुड़ की मिठास, मोरिंगा की हल्की मिट्टी-सी महक, और बेसन का नटखटपन
  • टेक्सचर – बाहर से मुलायम, अंदर से भरपूर

स्वाद और सावधानी

  • ज़्यादा मोरिंगा पाउडर डालने से हल्की कड़वाहट आ सकती है, इसलिए मात्रा संतुलित रखें।
  • गुड़ डालते समय आँच धीमी रखें वरना मिश्रण जल सकता है।
  • बच्चों के लिए गुड़ की मात्रा थोड़ी ज्यादा कर सकते हैं।



मोरिंगा का इतिहास

मोरिंगा यानी सहजन का पेड़ भारत और नेपाल में हज़ारों सालों से उगाया जा रहा है।
आयुर्वेद में इसे शिग्रु कहा गया है और इसे 300 से ज्यादा बीमारियों में फायदेमंद बताया गया है।
गाँवों में इसकी पत्तियाँ, फूल और फलियां रोज़ाना के भोजन में शामिल होती थीं।


स्वास्थ्य लाभ

  • हड्डियों को मजबूत बनाए
  • इम्यूनिटी बढ़ाए
  • ब्लड शुगर को नियंत्रित करे
  • स्किन और बालों के लिए फायदेमंद




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